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परिचय जवाहर लाल नेहरु शिक्षक प्रशिक्षण महाविधालय मुख्यत: शिक्षकों की ही संस्था है। जुलाई,1965 में जवाहरलाल नेहरु शिक्षण संस्थान के तत्वाधान में इस महाविधालय की स्थापना हुई, जिसे राजस्थान विश्वविघालय, जयपुर ने शिक्षा संकाय की बी एड उपाधि हेतु सम्बद्वता प्रदान की। संस्थान के जागरुक कर्मठ एवं समाजसेवी सदस्यों के मार्गदर्शन, सद्प्रयासों एवं अनुभवों से सिंचित यह महाविधालय अपने शैशवकाल से ही प्रगति के सोपानों पर उत्तरोत्तर अग्रसर है। महाविधालय अपनी स्वस्थ एवं गरिमामयी परम्पराओं के कारण राज्य के अग्रणी प्रशिक्षण महाविधालयों की श्रेणी में अपना विशिष्ट स्थान बनाए हुए है। हाडौती क्षेत्र का यह एकमात्र शिक्षक प्रशिक्षण महाविधालय है जिसे यु जी सी एक्ट के खण्ड 12(बी) व 2 (एफ़) के तहत यु जी सी की सम्बद्वता प्राप्त है, जिसके फ़लस्वरुप महाविधालय को पुस्तकालय – वाचनालय, ईटी लेब इत्यादि के विकास के लिए एवं सेमीनार, कार्यशाला आदि के आयोजन के लिए यु जी सी द्वारा समय-समय पर अनुदान राशि प्रदान की जाती रही है।
जवाहरलाल नेहुरु शिक्षक प्रशिक्षण महाविधालय का उद्वेश्य ऐसे प्रभावी शिक्षकों को तैयार करना है जो अपने ज्ञान, आचरण एवं आधुनिक शिक्षण तकनीकी द्वारा बालको का सर्वागण विकास करते हुए उनमें श्रेष्ठ गुणों का बीजारोपण कर सकें तथा भारतीय संस्क्रति के अनुरुप राष्ट्रीय विकास में निष्ठापूर्वक अपने कर्तव्यों का प्रभावी निष्पादन कर छात्र समुदाय के शैक्षिक विकास का मार्ग प्रशस्त करते हुए आधुनिक भारत के निर्माण में अपना सशक्त सहयोग कर सकें।
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