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जीवन परिचय 14 अगस्त, 1931 को कोटा नगर में जन्मे श्री हरि कुमार औदीच्य ने राजकीय महाविघालय, कोटा से बी ए तथा वहीं से एल एल बी की उपाधि प्राप्त की तथा इसी कालेज के छात्रसंघ अघ्यक्ष भी रहे। श्री औदीच्य की प्रारम्भ से ही सार्वजनिक कार्यो में रुचि रही तथा जन समस्याओं के निराकरण के लिये प्रयासरत रहे। इस कारण एक जुझारु व्यक्ति के रुप में विकसित हुये व राजनीतिक जीवन भी छोटी आयु में ही श्री लाल क़्रष्ण जी आडवाणी एवं सुन्दर सिंह जी भण्डारी के नेतृत्व में प्रारम्भ कर दिया। स्वभाव से सरल व म्रदु –भाषी श्री औदीच्य का जीवन संघर्ष व सफ़लता का अद्र्भुत मिश्रण रहा। 1972 में हाडोती विशवविघालय के लिये संघर्ष समिति के संयोजक रहे। नगर पालिका कोटा की मेला दशहरा समिति के अध्यक्ष के रुप में श्री औदीच्य ने इस मेले को राट्रीय स्तर तक लोकप्रिय बनाया। सार्वजनिक पुस्तकालय समिति की अध्य्क्षता के दोरान इस पुस्तकालय को सम्पूर्ण हाडोती अंचल में विख्यात किया। नगर पालिका की अन्य कई महत्वपूर्ण समितियों में भी श्री औदीच्य ने उल्लेखनीय कार्य किये। नगर विकास न्यास, कोटा की अघ्यक्षता के काल में चम्बल उघान विकास व अन्य कई महत्वपूर्ण विकास कार्य श्री औदिच्य की लगन व परिश्रम के साक्षी के रुप में आज कोटा नगर के सौन्दर्य की अभिर्वद्रि कर रहे हैं। 1985 में श्री औदीच्य रामगंज मंडी (कोटा जिला) से विधायक चुने गये तथा 1990 में पुन: वहीं से विधायक बने। 30 मई, 1990 को राज्य सरकार में केबिनेट स्तर के मंत्री नियुक्त हुये व 1992 तक रहे। इस काल में, स्वच्छ छवि के मंत्री माने जाते रहे। वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्य समिति के आमंत्रित सदस्य हैं। महाविघालय अपने शैशवकाल से ही श्री औदीच्य जी के अथक परिश्रम से अभिसिंचित होता रहा है। वर्ष 1999 से आप संस्थान के अध्यक्ष है। आपकी दूरदर्शिता एवं सही मार्गदर्शन से ही महाविघालय निरन्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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श्री हरि कुमार औदीच्य वर्तमान अघ्यक्ष, जवाहरलाल नेहरु शिक्षण सस्थान
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